हर रोज देते है दर्शन भगवान...

रविवार की कहानी: वैष्णव पत्रिका:- एक ब्राहमण था। सुबह होती और पत्नी को कहता भूख लगी। पत्नी कहती नहा धोकर, पूजा पाठ करूँ पीछे रसाई बनाउँ। आपको तो उठते ही भूख लगती है, आप कुछ नियम ले लों। पति बोला मेरे से...

सनातन धर्म और गौ सेवा को...

वैष्णव पत्रिका :- श्रीधर जी महाराज का जन्म मध्यप्रदेश के देवास जिले में हुआ। देवास उज्जैन से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। श्रीधर जी महाराज की शिक्षा-दीक्षा मध्यप्रदेश में 1975 में संपूर्ण हुई और वह धर्म प्रचार का लक्ष्य देकर...

शिवरात्रि विशेष : एक लुटेरे की...

एक लुटेरे की शिवभक्ति मैसूर से लगभग 16 किमी दूर, नंजनगुड के नाम से प्रसिद्ध जगह की बाहरी सीमा पर एक शिव-भक्त रहता था। उसका नाम मल्ला था। वह किसी धार्मिक परंपरा से नहीं जुड़ा था और पूजा, ध्यान के नियम नहीं...

शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता :...

वैष्णव पत्रिका :- भगवान नारायण के 6वें अवतार, भगवान श्री परशुराम जी महाराज त्रेतायुग के एक विद्वान व दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण श्रेष्ठ ऋषि थे । वैदिक वृत्तान्तों के अनुसार भगवान श्री परशुराम जी महाराज का जन्म ब्राह्मण महर्षि भृगुश्रेष्ठ जमदग्नि द्वारा...

रोगों का नाश करने वाली शीतला...

वैष्णव पत्रिका :- यह कथा बहुत पुरानी है। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है, कौन मुझे मानता है। यही सोचकर शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आई...

मारवाड़ के गौरव का प्रतीक- गवरजा...

गणगौर पर्व पौराणिक के साथ-साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं लोक आस्था का पावन प्रतीक एवं सामाजिकता, आध्यात्मिकता व मानव मनोविज्ञान की पावन त्रिवेणी है । परम्परागत रूप से अनूठी लोक संस्कृति के धनी राजस्थान का सर्वाधिक रस व उल्हास पूर्ण पर्व गणागौर है...

मर्यादा का पर्याय : कोचरों का...

शास्त्री और नेहरु के नजदीकी थे राम रतन जी कोचर वैष्णव पत्रिका :- कोचरों का चौक बहुत ही भव्य है। इस चौक में कोचर जाति की अधिकता के कारण इसका नाम कोचरों का चौक प्रसिद्ध हुआ। कोचरों के चौक में चारों दिशाओं...

मंगलवार शाम यहां बांधे काला धागा,...

वैष्णव पत्रिका :- ऐसा माना जाता है कि काला रंग नकारात्मकता की निशानी है. किसी भी शुभ काम में इस रंग के कपड़े न पहनने की सलाह दी जाती है. लेकिन ये भी सच है कि काला रंग हमें बुरी नजर से...