देश सेवा को समर्पित : अशोक सैनी

वैष्णव पत्रिका :- युवा किसी भी देश के निर्माण की मुख्य धारा हैं। शास्त्रों के अनुसार भी मनुष्य जीवन में किसी भी कार्य को करने का अदम्य साहस युवा काल में ही होता हैं। युवा एक ऐसी महाशक्ति से ओत प्रोत हैं जिसमें असंभव को संभव बनाने का सामर्थ्य विद्यमान हैं। दुनिया का हर सफल व्यक्ति अपना संघर्ष एवं कठिन परिश्रम युवा अवस्था में ही करता हैं। राजनीति में भी युवाओं की भागीदारी उतनी ही आवश्यक हैं जितनी तथाकथित अनुभवी नेताओं की। नेता और कार्यकर्ता राजनीति की प्रथम धूरी हैं लेकिन आजकल यह धूरी अस्त व्यस्त सी नजर आती हैं। हर पार्टी का कार्यकर्ता बिना कार्य किये ही राजनीति के बड़े पद की लालसा में लिप्त रहता हैं यही कारण हैं जनहित कार्यो एवं सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पाता। नेता का कर्म हैं कि धर्म को आधार मानकर अपने कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दें कि वह जनता के लिये नित्य कार्य करते रहे और कार्यकर्ता को चाहिये कि वह सिर्फ कार्य करें ना कि पद और प्रतिष्ठा के मोह में भटकता रहें। धर्म और कर्म को स्वयं का आधार मानने वाले ऐसे ही युवा शक्ति से हम आपका परिचय करा रहे हैं। एक कार्यकर्ता की तरह हर पल जनता से जुड़े रहने वाले युवा हैं अशोक सैनी।
अशोक सैनी का जन्म 18 नवम्बर 1979 को भादरा, जिला हनुमानगढ़ में हुआ। एक सामान्य परिवार में जन्में अशोक सैनी का जीवन प्रारंभ से ही कर्मशील रहा। सैनी की शिक्षा और दीक्षा का आरंभ संघ वातावरण से हुआ। भाजपा और संघ की पृष्ठभूमि में सैनी ने अनुशासन का पाठ सीखा। स्कूली शिक्षा पूरी करने के पश्चात् सैनी ने अपनी स्नातक डिग्री मोहता कॉलेज सादुलपुर से संपूर्ण की। एबीवीपी और छात्रसंध की राजनीति से जुड़े अशोक सैनी ने बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं जैसे जनहित मुद्दों को भी अपने जीवन का परम लक्ष्य बनाया।
हलवाई के धर जन्में अशोक सैनी से वैष्णव पत्रिका ने जब खास बातचीत की तो उन्होंनें पूरे राजस्थान के नाम एक सन्देश दिया सैनी ने कहा कि मैंने कभी पद के लिए राजनीति का ध्येय नही रखा और सिर्फ देश सेवा को ही मेरा लक्ष्य बनाया। मैं सभी कार्यकर्ताओं से निवेदन करता हूं कि सफलता के एक ही मंत्र को आप अपने जीवन में उतारें । काम, सिर्फ काम, सिर्फ और सिर्फ काम। राजस्थान के दौरे पर निकले भाजयुमों प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुझे पार्टी ने जो दायित्व दिया हैं वह सिर्फ अनवरत कार्य करने का ही फल हैं। अपने पिता और भाईयों का काम में हाथ बटाने वाले अशोक सैनी ने कई वर्षो तक अपनी दुकान पर बैठकर समोसा और मिठाई बेची हैं इसी क्रम में उन्होनंे बताया कि कोई कार्य छोटा नहीं होता यदि आप अपने परिवार समाज और शहर का सहयोग पाना चाहते हो तो सेवा को परम धर्म स्वीकार करों। भाजयुमों प्रदेश अध्यक्ष अशोक सैनी से हुई वार्ता के अनुसार युवाओं को जमीन से जुड़ी बातों को खासतौर से जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए। वैष्णव पत्रिका की ओर से राजस्थान के सभी युवाओं के उज्जवल भविष्य की मंगलकामना। शुभम् भवति।

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